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नीति आयोग ने राजस्थान सरकार, यूएनडीपी और यूएन के साथ साझेदारी में ‘सतत विकास लक्ष्यों में तेजी लाने के लिए राष्ट्रीय सम्मेलन’ का आयोजन किया

नीति आयोग ने 4 और 5 मार्च, 2024 को जयपुर में मेजबान राजस्थान सरकार और भारत में तकनीकी साझेदार यूएनडीपी व संयुक्त राष्ट्र की भागीदारी में ‘सतत विकास लक्ष्यों में तेजी लाने पर राष्ट्रीय सम्मेलन’ का आयोजन किया। इस दो दिवसीय सम्मेलन में 31 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों और भारत सरकार के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी एक साथ मौजूद थे। इस सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को नीति आयोग के माननीय उपाध्यक्ष श्री सुमन बेरी, नीति आयोग के माननीय सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वी.के. पॉल, राजस्थान के मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत और संयुक्त राष्ट्र रेजिडेंट समन्वयक श्री शोम्बी शार्प ने संबोधित किया।

इस सम्मेलन का उद्देश्य राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के स्थानीयकरण को परखने के लिए प्रोत्साहित करना, उपराष्ट्रीय स्तर पर एसडीजी को संस्थागत बनाने पर अपने अनुभवों का आदान-प्रदान करना, राष्ट्रीय व उपराष्ट्रीय स्तर पर एसडीजी से संबंधित वित्तीय स्थिति का पता लगाना और एसडीजी एजेंडा- 2030 के मध्य-बिंदु पर प्रगति में तेजी लाने के लिए रास्ता तैयार करना था।

इस कार्यशाला के दूसरे दिन एसडीजी निगरानी, एसडीजी के संस्थागतकरण, एसडीजी के वित्तपोषण और भारत में एसडीजी के स्थानीयकरण से प्राप्त सीख जैसे विषयों पर तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया।

इस सम्मेलन में एक-दूसरे से सीखने और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए एक एसडीजी प्रदर्शनी शामिल थी। इसने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को अपने संबंधित एसडीजी बूथों पर स्थानीयकरण पर अपने तकनीकी उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान किया।

नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री सुमन बेरी ने अपने प्रमुख भाषण में कहा, “यह सम्मेलन पूरे देश से एसडीजी पर प्राप्त सीख और अच्छे अभ्यासों को साझा करने के लिए एक मंच के रूप में नीति आयोग की भूमिका को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करता है। यह तेजी से आगे बढ़ने का क्षण है। मैं इस बात से बेहद उत्साहित हूं कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में एसडीजी को जिला, प्रखण्ड और स्थानीय स्तर तक आगे बढ़ाने में कितना नवाचार हो रहा है।” उन्होंने आगे कहा, “यह आयोजन नीति आयोग की सहकारी संघवाद को लेकर प्रतिबद्धता का एक उदाहरण है। इसके अलावा मैं उपराष्ट्रीय स्तर पर नवोन्मेषी एसडीजी प्रयासों का समर्थन करने के लिए भारत में हमारे साझेदारों- संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) और संयुक्त राष्ट्र (यूएन) को भी धन्यवाद देना चाहता हूं।”

वहीं, डॉ. वी.के. पॉल ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा, “हमें एसडीजी को लगातार आगे बढ़ाना चाहिए। मुझे विश्वास है कि यह सम्मेलन न केवल कम जोखिम वाले या उच्च प्रभाव वाले लक्ष्यों बल्कि, कठिन लक्ष्यों पर भी अपना ध्यान केंद्रित करेगा।”

राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने तीन नॉलेज पोर्टल- यूएनडीपी के ‘एसडीजी नॉलेज हब’, राजस्थान सरकार के ‘खाद्य व पोषण सुरक्षा विश्लेषण डैशबोर्ड’ और ‘एसडीजी -2 (जीरो हंगर) डैशबोर्ड की शुरुआत की। इस दौरान नीति आयोग के माननीय उपाध्यक्ष श्री सुमन बेरी और नीति आयोग के माननीय सदस्य डॉ. वी.के. पॉल उपस्थित थे।

यूएनडीपी एसडीजी नॉलेज हब एक वन-स्टॉप पोर्टल है, जो राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के ज्ञान उत्पादों के अलावा अच्छे अभ्यासों, एसडीजी संकेतक ढांचे, एसडीजी से जुड़े बजट को एक मंच पर उपलब्ध करवाता है।

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Author: ainewsworld

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