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भारतीय प्रबंधन संस्थान शिलांग में भारत की प्रथम गति शक्ति अनुसंधान पीठ स्थापित की गई

केंद्रीय पोत, पत्तन एवं जलमार्ग और आयुष मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने भारत की पहली ‘गति शक्ति अनुसंधान पीठ’ की स्थापना के लिए पोत, पत्तन एवं जलमार्ग मंत्रालय और भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाने हेतु आयोजित समारोह में आज यहां हिस्सा लिया।’

यह पीठ (चेयर) उत्तर-पूर्व क्षेत्र पर विशेष जोर देने के साथ-साथ मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पर उच्च गुणवत्ता वाले अकादमिक अनुसंधान: उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स विकास रणनीतियों और अभ्यास पर ज्ञान का निर्माण, क्षेत्र में लॉजिस्टिक क्षमता निर्माण के लिए ज्ञान और नवाचार की सुविधा प्रदाता के रूप में अगुवाई करेगी। चेयर का उद्देश्य लॉजिस्टिक्स उद्योग, सरकारी निकायों, स्थानीय अधिकारियों, अन्य भागीदारों और संघों जैसे प्रमुख हितधारकों के साथ मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स अनुसंधान और क्षमता-निर्माण गतिविधियों के बीच संबंधों को मजबूत करते हुए ज्ञान और विशेषज्ञता बनाने और विकसित करने में वैश्विक विशेषज्ञों के साथ सहयोग को बढ़ावा देना है। यह चेयर पूर्व और उत्तर-पूर्व क्षेत्र की लॉजिस्टिक क्षमता को सशक्त बनाने के लिए पीएम गति शक्ति मास्टरप्लान को सक्षम करने के लिए मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक अनुसंधान गतिविधियों, क्षमता निर्माण और आउटपुट का भी समर्थन करेगी।

इस अवसर पर श्री सोनोवाल ने अपने संबोधन में कहा, “आज, मैं प्रतिष्ठित आईआईएम के अपने सभी युवा मित्रों के बीच आकर भाग्यशाली महसूस कर रहा हूं। युवा शक्ति की आभा ने अमृत काल के अंत तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ने के हमारे संकल्प को ऊर्जा प्रदान की है। आने वाला 25 वर्ष भारत के सशक्तीकरण आधारित विकास को जारी रखने के लिए आपका कर्तव्य काल हैं। आपके प्रतिष्ठित संस्थान में इस चेयर की स्थापना के साथ, पूर्वोत्तर मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स गतिविधियों, क्षमता निर्माण और आउटपुट के अनुसंधान और विकास के क्षेत्र में अगुवाई करने के लिए तैयार है। छात्र समुदाय को अब अपने कौशल को निखारने और लॉजिस्टिक के क्षेत्र में अपना करियर बनाने का अवसर मिलेगा।”

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च एंड एनालिसिस भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), शिलांग में स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए उत्तर-पूर्वी क्षेत्र को व्यापक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय क्षेत्रों से जोड़ने के लिए मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स विकास रणनीति पर चर्चा करने के लिए एक रणनीतिक गोलमेज का भी आयोजन किया गया। बैठक में राष्ट्रीय लॉजिस्टिक मिशन के अनुरूप एक सामूहिक उत्तर-पूर्वी क्षेत्र लॉजिस्टिक नीति के विकास के साथ-साथ उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक से संबंधित नीतियों के संचालन और कार्यान्वयन के लिए रणनीति बनाने का प्रयास किया गया।

गंगा नदी और ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए अर्थ गंगा और महाबाहु ब्रह्मपुत्र जैसी कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं शुरू की गई हैं। इन सुधारों से सकारात्मक आर्थिक परिणाम मिले हैं, जैसा कि विश्व बैंक के लॉजिस्टिक प्रदर्शन सूचकांक में भारत की उन्नति से पता चलता है, जो 2014 में 54वें से बढ़कर 2023 में 38वें स्थान पर पहुंच गया, जो एक दशक की अवधि में 16 पायदान के उल्लेखनीय सुधार को दर्शाता है।

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Author: ainewsworld

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